رات

835

Musik skapad av hina malik med Suno AI

رات
v4

@hina malik

رات
v4

@hina malik

Text
रात आँगन में उतर आती है धीरे धीरे
रात के भेद बहुत
रंग बहुत
ढंग बहुत

कोई सो जाए... तो
चुपचाप ये सो जाती है
कोई रोता है तो रोती है ये हमदम बन कर
दर्द के क़िस्से सुनाएँ तो ये सुन लेती है
कोई तड़पे जो मोहब्बत में... तो
अपनी बाँहों में ये नरमी से समो लेती है

कोई ख़्वाबों की हसीं दुनिया में रहना चाहे
उसको ये सैर कराती है किसी जन्नत की

कुछ तो ऐसे हैं
जो ख़ुश रहते हैं तन्हाई में
किसी अनचाही रिफ़ाक़त से चुराकर कुछ पल
ख़ामोशी ओढ़ के यादों का मज़ा लेते हैं

जब पड़े ग़म... तो
रोते ही गुज़र जाती है रात
दाग़ कुछ ऐसे... कि
धोते ही गुज़र जाती है रात

आशिकों से कोई पूछे
जो शब-ए-वस्ल की बात
रोएँ-धोएँगे... कि
जल्दी से गुज़र जाती है रात

चाँदनी रात, अमावस हो या बरसात की रात
रात तो रात है
आख़िर को गुज़र जाती है !!
Musikstil
EDM

Du kanske gillar

Relaterad spellista

Cover av låten Rab Ne Tujhe Mere Liye Banaya Tha
v4

Skapad av if chi kg food med Suno AI

Cover av låten Siri Bongkok
v4

Skapad av Theodorus Laur med Suno AI

Cover av låten MIA BAUTIZO2
v4

Skapad av Dante Castrillon med Suno AI