가사
सावन की रुत आई भोले,
हरियाली छाई भोले,
गौरी ने मन में रच ली सगाई,
भोले शंकर से रचाई सगाई...
डमरू बजा के कैलाश से आए,
नंदी के संग भोले नाचे,
गौरी के दर पे जब चरण धरे,
सारा ब्रह्मांड मुस्काए...
ॐ नमः शिवाय की धुन चले,
गौरी हर पल साथ चले,
सावन में शिव से जुड़ जाए,
हर मन को ये राह मिले...