सावन की रुत आई भोले, हरियाली छाई भोले, गौरी ने मन में रच ली सगाई, भोले शंकर से रचाई सगाई...
डमरू बजा के कैलाश से आए, नंदी के संग भोले नाचे, गौरी के दर पे जब चरण धरे, सारा ब्रह्मांड मुस्काए...
ॐ नमः शिवाय की धुन चले, गौरी हर पल साथ चले, सावन में शिव से जुड़ जाए, हर मन को ये राह मिले...
Estilo de música
तंत्र पर धीमा डमरू + बांसुरी मिक्स शुरुआत में हल्का जल बरसने की आवाज़ बीच में “ॐ नमः शिवाय” का मंत्र धीरे-धीरे चलता रहे अंत में नंदी की घंटियों की आवाज़