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Zenét készítette: hina malik Suno AI

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@hina malik

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Dalszöveg
मुबारक हो, मुबारक हो
जश्न-ए-आज़ादी मुबारक हो

चमक उठे हैं सब्ज़ सितारे
हवा में ख़ुशबू, ख़ुशी के नज़ारे
वतन के परचम की ये शान रहे
हज़ार बरस तक ये जान रहे

मुबारक हो, मुबारक हो
जश्न-ए-आज़ादी मुबारक हो

लहू से सींचा है इस धरती को
दुआ है रब से ये हर घड़ी को
सदा रहे ये वतन सलामत
हर सू अमन और प्यार की दौलत

मुबारक हो, मुबारक हो
जश्न-ए-आज़ादी मुबारक हो

हमारी मिट्टी है माँ की गोद
यही हमारा है फ़ख़्र ओ सऊद
ये धरती ख़ुशियों से भर जाए
हर दिल अमन का गीत सुनाए

मुबारक हो, मुबारक हो
जश्न-ए-आज़ादी मुबारक हो


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