Az

595

Música creada por hina malik con Suno AI

Az
v4

@hina malik

Az
v4

@hina malik

Letra
मुबारक हो, मुबारक हो
जश्न-ए-आज़ादी मुबारक हो

चमक उठे हैं सब्ज़ सितारे
हवा में ख़ुशबू, ख़ुशी के नज़ारे
वतन के परचम की ये शान रहे
हज़ार बरस तक ये जान रहे

मुबारक हो, मुबारक हो
जश्न-ए-आज़ादी मुबारक हो

लहू से सींचा है इस धरती को
दुआ है रब से ये हर घड़ी को
सदा रहे ये वतन सलामत
हर सू अमन और प्यार की दौलत

मुबारक हो, मुबारक हो
जश्न-ए-आज़ादी मुबारक हो

हमारी मिट्टी है माँ की गोद
यही हमारा है फ़ख़्र ओ सऊद
ये धरती ख़ुशियों से भर जाए
हर दिल अमन का गीत सुनाए

मुबारक हो, मुबारक हो
जश्न-ए-आज़ादी मुबारक हो


---
Estilo de música
Rendom

Te podría gustar

Lista de reproducción relacionada