Lời bài hát
पहला पद
तारे बुझ रहे हैं, रात गहरी है,
दुनिया का बोझ मुझे झुकाता है।
मेरे कदम खो जाते हैं धूल और समुद्र में,
पर उसकी आवाज़ मुझे पुकारती है चलते रहो।
प्राक्कथन
चाहे हवा मेरे खिलाफ बहती हो,
उसकी कृपा हर सफर में मेरी ताकत है।
कोरस
मैं हार नहीं मानूंगा, चाहे रास्ता कठिन हो,
उसकी रौशनी अंधेरे में मुझे राह दिखाएगी।
मैं एक सेवक हूँ, तूफान में एक दीप,
मैं उसका प्रेम हर दिल तक पहुंचाऊंगा।
मैं हार नहीं मानूंगा, मेरा मिशन अनंत है,
सत्य में मेरे कदम जमे रहते हैं।
दूसरा पद
पहाड़ ऊंचे हैं, घाटी क्रूर है,
आंसू गिरते हैं, पर उसका प्रेम सच्चा है।
दुनिया मुझे अस्थायी आराम देती है,
लेकिन उसकी क्रूस मुझे आगे बढ़ने की पुकार करती है।
प्राक्कथन
चाहे बोझ भारी हो,
उसकी शक्ति मेरी थकी आत्मा को नया जीवन देती है।
कोरस
मैं हार नहीं मानूंगा, चाहे रास्ता कठिन हो,
उसकी रौशनी अंधेरे में मुझे राह दिखाएगी।
मैं एक सेवक हूँ, तूफान में एक दीप,
मैं उसका प्रेम हर दिल तक पहुंचाऊंगा।
मैं हार नहीं मानूंगा, मेरा मिशन अनंत है,
सत्य में मेरे कदम जमे रहते हैं।
सेतु
हर कदम, हर दिन,
आशा और जीवन का एक गीत है।
उसका वादा मुझे साहस देता है,
मैं उसके प्रेम में, उसके मिशन में आगे बढ़ूंगा।
अंतिम कोरस
मैं हार नहीं मानूंगा, चाहे रास्ता कठिन हो,
उसकी रौशनी अंधेरे में मुझे राह दिखाएगी।
मैं एक सेवक हूँ, तूफान में एक दीप,
मैं उसका प्रेम हर दिल तक पहुंचाऊंगा।
मैं हार नहीं मानूंगा, मेरा मिशन अनंत है,
सत्य में मेरे कदम जमे रहते हैं।
समापन
उसके प्रेम में मैंने अपनी वजह पाई,
मैं हार नहीं मानूंगा, मैं उसकी धुन हूँ।