क़सम से ये बात

1015

Música criada por Nadi 4343 com Suno AI

क़सम से ये बात
v4

@Nadi 4343

क़सम से ये बात
v4

@Nadi 4343

Letra da música
[Verse 1]
ग़ज़ल लिख कर मिटानी पड़ रही है
मुहब्बत भी छुपानी पड़ रही है
हर इक शेर में आता है वो ही
फिर स्याही से बहानी पड़ रही है

[Chorus]
मुझे उस से मुहब्बत है
क़सम से
हाँ
क़सम से ये बात
उसको तो न बतानी थी कभी भी
अब तन्हाई से कहनी पड़ रही है
दिन‑रात
मुझे उस से मुहब्बत है
क़सम से
दिल ये बार‑बार दोहराए
पर नाम उसका लब पर आते ही
धड़कन चुप रहना सिखाए

[Verse 2]
वही गलियाँ
वही मौसम
वही रास्ता
उसके क़दमों की आहट भी सुनाई देती है
मैं ख़ुद से भी नज़र चुराता फिरता हूँ अब
उसकी तस्वीर से भी नज़र मिलानी पड़ रही है

[Chorus]
मुझे उस से मुहब्बत है
क़सम से
हाँ
क़सम से ये बात
चेहरे पर मुस्कान
भीतर तूफ़ान
ये सच दिल में छुपाना पड़ रहा है रात‑रात
मुझे उस से मुहब्बत है
क़सम से
जो लिखूँ तो जहाँ जल जाए
सो हर काग़ज़ फाड़ के आज भी
अपना राज़ ही बहाना पड़ रहा है

[Bridge]
वो पूछे तो क्या कहूँ मैं उससे
"बस यूँ ही" कहके टाल दूँ क्या
या एक पल को आँखे उठाकर
सारी उम्र का डर जला दूँ क्या (हाय)

[Chorus]
मुझे उस से मुहब्बत है
क़सम से
हाँ
क़सम से ये बात
अब ख़ामोशी भी थकने लगी है
शायद दिल को ही बतानी पड़ रही है हर बात
मुझे उस से मुहब्बत है
क़सम से
ये सच अब भी अधूरा सा
ग़ज़ल लिख कर मिटानी पड़ रही है
और उसका नाम ही पूरा सा
Estilo de música
Soft ghazal-fusion ballad, intimate male vocals close to the mic, airy harmonium pads and delicately picked acoustic guitar. Tabla groove enters on the second verse, very gentle, with subtle bass underlining key phrases. Choruses bloom with light reverb and a faint backing vocal answering the hook. Overall arc stays tender and restrained, perfect for a late-night confession that never quite reaches the beloved.

Você pode gostar

Capa da música আবার ঘুরবে এই ফ্যান
v4

Criado por Khorshed Alam Khorshed Alam com Suno AI

Capa da música El silencio ya está aquí
v4

Criado por Rafael Bestard com Suno AI

Capa da música Gęsty dym cygar Oliva
v4

Criado por Piotr Piotr com Suno AI

Capa da música Szerelmem
v4

Criado por DAR3X com Suno AI

Lista de reprodução relacionada