가사
[Verse]
सूरज की गोद से उतरा मैं
छाया की बाहों में पला
हर दर्द को अपने भीतर समेटा
पर कभी ना किसी से गिला
[Prechorus]
नाम से पहले ठुकराया गया
हर कदम पर ठहरा गया
[Chorus]
मैं सूतपुत्र हूँ
मगर हूँ महान
मेरी किस्मत है मेरी पहचान
हर वार झेला
हर घाव सहा
पर हर बार खड़ा
मैं बना रहा
[Verse 2]
माँ की ममता से वंचित रहा
पर दिल में अग्नि की लौ जला
कभी खुद से हार न मानी
हर हार को मैंने राह बना
[Prechorus]
जो छूटा वो सपना बन गया
जो टूटा वो हौसला बन गया
[Chorus]
मैं सूतपुत्र हूँ
मगर हूँ महान
मेरी किस्मत है मेरी पहचान
हर वार झेला
हर घाव सहा
पर हर बार खड़ा
मैं बना रहा