가사
जलते होंठों पे तबस्सुम जो मचलता है कभी,
ज़ख़्म धुल जाते हैं सावन जो बरसता है कभी?
मैंने सोचों में तराशे हैं ख़द-ओ-ख़ाल तेरे,
मेरे बारे में बता, तू ने भी सोचा है कभी?
चढ़ते सूरज से कभी तू ने मिलाई है नज़र?
तू ने किरणों की तरफ़ ग़ौर से देखा है कभी?
लोग पत्थर में खिलाते हैं उम्मीदों के गुलाब,
यूँ भी मुमकिन है बता, ऐसा भी होता है कभी?
तू ने समझा था मैं लौट के आ जाऊँगा?
आँख से बिछड़ा हुआ अश्क भी लौटा है कभी?
음악 스타일
EDM, Joy, Romantic, Mystery, emotional, Clear and melodious voice