baan

822

Zenét készítette: Suryadit Suno AI

baan
v4

@Suryadit

baan
v4

@Suryadit

Dalszöveg
श्रीहनुमते नमः

निश्चय प्रेम प्रतीति ते,
विनय करैं सनमान।
तेहिं के कारज सकल शुभ,
सिद्ध करैं हनुमान॥

जय हनुमान सन्त हितकारी।
सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥

जन के काज बिलम्ब न कीजै।
आतुर दौरि महासुख दीजै॥

जैसे कूदि सिन्धु के पारा।
सुरसा बदन पैठि विस्तारा॥

आगे जाय लंकिनी रोका।
मारेहु लात गई सुरलोका॥

जाय विभीषण को सुख दीन्हा।
सीता निरखि परम पद लीन्हा॥

बाग उजारि सिन्धु महं बोरा।
अति आतुर यमकातर तोरा॥

अक्षय कुमार मार संहारा।
लूम लपेटि लंक को जारा॥

लाह समान लंक जरि गई।
जय-जय धुनि सुर-पुर में भई॥

अब विलम्ब केहि कारण स्वामी।
कृपा करहु प्रभु अन्तरयामी॥

जय-जय लक्षमण प्राण के दाता।
आतुर होइ दुख करहु निपाता॥

जय हनुमान जयति बल सागर।
सुर समूह समरथ भटनागर॥

ॐ हनु हनु हनुमन्त हठीले।
बैरिहि मारु वज्र की कीले॥

गदा वज्र लै बैरिहिं मारौ।
महाराज निज दास उबारौ॥

सुनि हुंकार हुंकार दै धावौ।
वज्र गदा हनु विलम्ब न लावौ॥

ॐ ह्नीं ह्नीं हनुमन्त कपीसा।
ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर सीसा॥

सत्य होय हरि शपथ पायके।
रामदूत धरु मारु धायके॥

जय जय जय हनुमन्त अगाधा।
दुख पावत जन केहि अपराधा॥

पूजा जप तप नेम अचारा।
नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥

वन उपवन मग गिरि गृह मांही।
तुम्हरे बल हौं डरपत नाहीं॥

पायं परौं कर जोरि मनावौं।
अपने काज लागि गुण गावौं॥

जय अन्जनी कुमार बलवन्ता।
शंकर सुवन बीर हनुमन्ता॥

बदन कराल काल कुल घालक।
राम सहाय सदा प्रतिपालक॥

भूत, प्रेत, पिसाच, निसाचर।
अग्नि बेताल काल मारी मर॥

इन्हें मारु तोहि सपथ राम की।
राखु नाथ मर्याद नाम की॥

जनकसुतापति-दास कहावौ।
ताकी सपथ विलम्ब न करो लावौ॥

जय-जय-जय धुनि होत आकाशा।
सुमिरत होय दुसह दुख नाशा॥

शरण शरण करि तोहि मनावौं।
एहि अवसर अब केहि गुहरावौं॥

उठु उठु चलु ताहि राम दोहाई।
पाय परौं कर जोरि मनाई॥

ॐ चं चं चं चपल चलन्ता।
ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता॥

ॐ हं हं हांक देत कपि चंचल।
ॐ सं सं सहमि पराने खलदल॥

अपने जन को तुरत उबारौ।
सुमिरत होत आनन्द हमारो॥

यह बजरंग बाण जेहि मारे।
ताहि कहौ फिर कौन उबारे॥

पाठ करै बजरंग बाण को।
हनुमत रक्षा करें प्राणको॥

यह बजरंग बाण जो जापै।
ताही भूत प्रेत सब कापैं॥

धूप देय अरु जपै हमेशा।
ताके तन नहि रहै कलेशा॥


प्रेम प्रतीति धरि कपि भजें,
सदा धरै उरध्यान ।
तेहि के कारज सकल शुभ,
सिद्ध करैं हनुमान ॥

पवनसुत हनुमान की जय
A zene stílusa
Atmospheric pads, soft cinematic strings, deep sub-bass, mellow lofi drums, and gentle flute with echo chanting for a divine meditative sound.

Talán tetszene

A dal borítója a1
v4

Készítette: Ömer ESER Suno AI

A dal borítója Esküvőnke
v4

Készítette: Ernszt Adrienn Suno AI

A dal borítója Manci néni szobája
v4

Készítette: Tóth Norbert Suno AI

Kapcsolódó lejátszási lista