भोलेनाथ की महिमा

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Zenét készítette: Vishal Singh Suno AI

भोलेनाथ की महिमा
v3.5

@Vishal Singh

भोलेनाथ की महिमा
v3.5

@Vishal Singh

Dalszöveg
[Verse]
महादेव की महिमा गाता शिव का नाम पुकारूं मैं
मन के भीतर दीप जलाकर भक्ति भाव से निहारूं मैं
गंगा की धार लहराए सिर पर चंद्रमा शोभा बढ़ाए
सर्पों की माला गले में त्रिनेत्र से जग को दिखाए
[Chorus]
भोले बाबा की जयकारा दिल से जोड़े हर श्वास
कैलाश पर बसे हैं वो बिन उनको जीवन मुझसे निराश
डमरू की धुन में खो जाऊं ऐसा अलौकिक ये राग
महादेव की महिमा गाता मैं बनूं उनका अनुराग
[Verse 2]
वृक्ष हो या प्राणी सबमें स्पंदित वो अनंत शक्ति
रुद्राक्ष पहन गंभीर शिव हैं हर दिल की वो भक्ति
ध्यान की गहराईयों में बसूँ उनकी महिमा का अनुभव
नंदी की तरह सेवा करूँ वो हैं मेरे जीवन का अनुरव
[Chorus]
भोले बाबा की जयकारा दिल से जोड़े हर श्वास
कैलाश पर बसे हैं वो बिन उनको जीवन मुझसे निराश
डमरू की धुन में खो जाऊं ऐसा अलौकिक ये राग
महादेव की महिमा गाता मैं बनूं उनका अनुराग
[Bridge]
चिता की भस्म धारण कर जो मृत्यु को भी मात दे
भोलेनाथ हैं संहारक फिर भी वो सजग प्रशंसक बने
प्रलय में भी रमणीय शिव हैं अमृत का वो प्यासा
त्रिशूल लिए जो खड़ा हो सृष्टि का वो सच्चा दाता
[Chorus]
भोले बाबा की जयकारा दिल से जोड़े हर श्वास
कैलाश पर बसे हैं वो बिन उनको जीवन मुझसे निराश
डमरू की धुन में खो जाऊं ऐसा अलौकिक ये राग
महादेव की महिमा गाता मैं बनूं उनका अनुराग
A zene stílusa
मध्य भक्ति सॉफ्ट

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