navratrii

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Zenét készítette: MANISH CHANDRA Suno AI

navratrii
v3.5

@MANISH CHANDRA

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Dalszöveg
**नवदुर्गा के रंग में, माँ का जयकारा**
*(Verse 1)*
नवदुर्गा की महिमा गाएँ,
हर दिल में दीप जलाएँ,
माँ के चरणों में शीश झुकाएँ,
वो हैं शक्ति की परछाई।
दुर्गा माँ, काली माँ,
तेरा ही सहारा है,
तेरी कृपा से हर जीवन,
फिर से सँवारा है।
*(Chorus)*
जय हो माँ जगदम्बा,
जय हो माँ भवानी,
तेरे चरणों में दुनिया सारी,
तू ही है कल्याणी।
जय हो माँ दुर्गा, काली माँ,
संग तेरे जीतेंगे हम जहाँ।
*(Verse 2)*
चंडी के रूप में माँ का जलवा,
महिषासुर को तूने हराया,
शेर पे सवार, तेरी ताकत,
हर संकट को तूने मिटाया।
तेरे आशीर्वाद से मिले बल,
हर बाधा में तेरा हलचल,
असुरों का तू अंत करे,
तेरी भक्ति से सबकी निकले राह।
*(Chorus)*
जय हो माँ जगदम्बा,
जय हो माँ भवानी,
तेरे चरणों में दुनिया सारी,
तू ही है कल्याणी।
जय हो माँ दुर्गा, काली माँ,
संग तेरे जीतेंगे हम जहाँ।
*(Bridge)*
दसों दिशाओं में गूंजे,
तेरी महिमा का ये गीत,
हर दिल में तू है बसी,
माँ, तेरा ही तो है ये मीत।
*(Outro)*
शक्ति की देवी, माँ अम्बे,
तूने दुनिया का भार उठाया,
तेरी भक्ति से सजे ये जीवन,
तेरे नाम से सारा जगत जगमगाया।
A zene stílusa
indian classical music

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