झूठी खाई थी क़सम

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Música creada por Sameer Khan con Suno AI

झूठी खाई थी क़सम
v3.5

@Sameer Khan

झूठी खाई थी क़सम
v3.5

@Sameer Khan

Letra
[Verse]
झूठी खाई थी क़सम जो निभाई नई
काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई
गीतों में बसी जो तुम्हारी बातें
सपनों में आती थीं तुम्हारी राहें
[Verse 2]
छलके झूठ की स्याही बेवजह
दिल में बसी तुम्हारी इक दास्तां
गांव की वो गलियाँ हसीन हैं
तुम्हारी यादों से अब भी रंगीन हैं
[Chorus]
तू आई नई फिर एक बहाना मिला
झूठी बातें तेरी दिल को चुभी नई
खेतों की धूल बन गई फिजा
सच तो ये है बस तेरी थी सजा
[Verse 3]
धोखे और वादों का तुझसे था नाता
बिछड़ने की बातों को कभी न समझा
झूठी कसमों का हर एक कदम
दिल का भरोसा कर डाला कम
[Bridge]
खेतों की खुशबू अब भी दिल को लुभाए
झूठी कसमें जो राहों में बिछाए
सपनों की बारिश ने सब भिगो दिया
तेरे बिना ये दिल खाली सा रह गया
[Chorus]
तू आई नई फिर एक बहाना मिला
झूठी बातें तेरी दिल को चुभी नई
खेतों की धूल बन गई फिजा
सच तो ये है बस तेरी थी सजा
Estilo de música
पॉप मेलोडिक जोशीला

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