जानवरों का संसार

463

Musik erstellt von Supriyasingh Singh mit Suno AI

जानवरों का संसार
v3.5

@Supriyasingh Singh

जानवरों का संसार
v3.5

@Supriyasingh Singh

Text
[Verse]
हिरण की फुर्ती जैसे हवा की चाल
शेर की दहाड़ जंगल का मलाल
हाथी की चाल में धरती देखे हाल
हरियाली में बंधा है जीवन का जाल
[Verse 2]
पंछी गाते उड़ते गगन में दूर
तोता करे बातें हरा-भरा भरपूर
मोर की पंखुड़ियाँ रंगों का जलाल
हर जीव की दास्तां जीवन का सवाल
[Chorus]
जानवरों का संसार कितना रंगीन
हर एक जीव में छुपा है संगीत नक़्क़ाशीन
बंधन में रहते फिर भी स्वतन्त्र हैं सब
सपनों की दुनिया में ऊँचाई लपकते हर तब
[Verse 3]
खरगोश की छलांग में दिखे उचाई
लंगूर की मस्ती में खुशी की छाँई
चींटी की मेहनत से जीवन सिखलाए
हर क़दम पे उनकी एक कहानी छुपाई
[Bridge]
समन्दर की गहराई में मछलियों का खेल
जंगल की आग में छुपा है प्रकृति का मेल
कछुए की चाल में धैर्य की बारीक़ी
जीवन जीने की कला हर एक में है यकीं
[Chorus]
जानवरों का संसार कितना रंगीन
हर एक जीव में छुपा है संगीत नक़्क़ाशीन
बंधन में रहते फिर भी स्वतन्त्र हैं सब
सपनों की दुनिया में ऊँचाई लपकते हर तब
Musikstyle
acoustic folk rhythmic

Du magst vielleicht

Verwandte Playlist