كلمات
[Verse 1]
मेरी कहानी, मेरा सफ़र,
रुकूँ न कभी, बढ़ता हर पहर।
गिरा तो उठकर फिर दौड़ा मैं,
आज भी लिख रहा हूँ अपना मुक़द्दर मैं।
जेब में कम था, हौसला बड़ा था,
सपनों का बोझ ही मेरा नशा था।
कहते थे लोग, ये न होगा,
मैंने चुप रहकर भी रास्ता खोला।
[Pre-Chorus]
ठोकर लगी, पर रुका नहीं,
आँखों में डर था, पर झुका नहीं।
हर हार ने मुझको और गढ़ा,
हर रात ने मुझको और पढ़ा।
[Chorus]
रुकूँ न कभी, रुकूँ न कभी
आगे ही आगे, मैं चलता रहूँ
मेरा सफ़र, मेरा सफ़र
गिरकर भी उठकर, मैं बढ़ता रहूँ
रुकूँ न कभी, रुकूँ न कभी (कभी)
अपनी ही आग में जलता रहूँ
मेरा सफ़र, मेरा सफ़र (मेरा सफ़र)
आज भी अपना मुक़द्दर लिखता रहूँ
[Verse 2]
छाले थे हाथों में, धूल भरी राह,
फिर भी कदमों ने न मानी हार।
धूप ने सीखा दी सीधी चाल,
और रात ने पकड़ा मेरा हाल।
जिसने छोड़ा, उसका भी शुक्र,
उसके बाद ही टूटा मेरा डर।
अब जो हूँ, वो यूँ ही नहीं,
हर ज़ख्म के पीछे मेरी जीत बनी।
[Pre-Chorus]
टूटी नीयतें, टूटा जहाँ,
मेरे भीतर था एक आसमान।
झुकती नहीं अब ये रीढ़ मेरी,
मेहनत ही लिखती तक़दीर मेरी।
[Chorus]
रुकूँ न कभी, रुकूँ न कभी
आगे ही आगे, मैं चलता रहूँ
मेरा सफ़र, मेरा सफ़र
गिरकर भी उठकर, मैं बढ़ता रहूँ
रुकूँ न कभी, रुकूँ न कभी (कभी)
अपनी ही आग में जलता रहूँ
मेरा सफ़र, मेरा सफ़र (मेरा सफ़र)
आज भी अपना मुक़द्दर लिखता रहूँ
[Bridge]
अब मंज़िल से ज़्यादा सफ़र प्यारा,
हर हार के बाद नया उजियारा।
जो मुझे तोड़ें, वो याद रहें,
मैं गिरकर भी फिर से खड़ा रहूँ।
[Final Chorus]
रुकूँ न कभी, रुकूँ न कभी
आगे ही आगे, मैं चलता रहूँ
मेरा सफ़र, मेरा सफ़र
गिरकर भी उठकर, मैं बढ़ता रहूँ
रुकूँ न कभी, रुकूँ न कभी (कभी)
अपनी ही आग में जलता रहूँ
मेरा सफ़र, मेरा सफ़र (मेरा सफ़र)
आज भी अपना मुक़द्दर लिखता रहूँ
النمط من الموسيقى
Hindi motivational pop-rap with mid-tempo bounce, tight kick-snare groove and light handclaps; verse stays sparse and intimate with low bass and a plucked motif, pre-chorus lifts with rising harmony stacks and breathy doubles, chorus opens wide with gang vocals on the anchor line and short delay throws on key words. Add a filtered riser into the hook, a brief drum drop before the final chorus, and a bright, punchy mix with close-mic lead vocals.