เนื้อเพลง
[Verse 1]
हम जीते जी मर गए
जिसे चाहा
उसी में बिखर गए
वो किसी और की दुनिया में खुश थे
और हम तन्हाई में उतर गए
धूप थी आँखों में
दिल में धुंध छा गई
हँसते हुए चेहरे पे चुप्पी जम गई
साँस तो चलती रही मगर ये यक़ीन नहीं
ज़िंदगी है या यूँ ही सज़ा मिल गई
[Chorus]
हम जीते जी मर गए
तेरे बाद खुद से भी डर गए
जिसे रूह से अपना माना था
वो ही हमें अधूरा कर गए
हम जीते जी मर गए
तेरे नाम पे सारी राहें जल गए
दिल ने आख़िरी दुआ जो माँगी थी
वो भी तेरे दर पे ही रुक गए
[Verse 2]
तेरे क़दमों के निशाँ दरवाज़े पे रह गए
हम उसी चौखट पे खड़े खड़े ढल गए
तूने पूछा भी नहीं
कैसा है हाल अब
हम तेरे एक सवाल को तरस के ढह गए
आईने में देखते हैं तो तू ही दिखता है
चेहरा मेरा
पर साया तेरा सा दिखता है
अपने ही घर में अजनबी बन बैठे हैं
तेरे जाने से हर कोना सूना सा लगता है
[Bridge]
काश तू लौट के एक बार पुकार ले
इन बिखरी साँसों को फिर से सँवार ले
पर तू दूर आसमानों में खो गया
हम धरती पर गिरते तारे गिनते रह गए
[Chorus]
हम जीते जी मर गए
तेरे बाद खुद से भी डर गए
जिसे रूह से अपना माना था
वो ही हमें अधूरा कर गए
हम जीते जी मर गए
तेरे बाद सारे रंग उखड़ गए
जिन सपनों पर तेरा नाम लिखा था
वो भी पलकों से गिरकर बिखर गए
[Outro]
हम जीते जी मर गए
बस तेरा इंतज़ार करके ठहर गए
รูปแบบของดนตรี
Sparse cinematic ballad with male vocals; intimate piano arpeggios and soft pads under the verse, then a swelling string section and deep sub-bass bloom in the chorus. Vocal sits very close and breathy at first, then opens into aching, sustained notes on the hook. Subtle reversed swells and distant vocal chops add ghostly atmosphere; final refrain drops back to near-acapella, letting the last line hang in reverb.