เนื้อเพลง
ये कौन है जो दिल में है
हर इक धड़कन में सिलसिला है
न कुछ कहा, न कुछ सुना है
फिर भी हर बात का पता है
हवा ने पूछा, ये खुशबू कैसी?
ज़ुबां ने चुपके से नाम लिया है
छुआ था जो उसने कंधे से
वहीं से अब तक बदन खिला है
नज़र मिली थी जो दो पल को
उसी में सदियों का असर मिला है
ये लाज है या कोई दुआ है?
लबों पे आई, मगर रुका है
तेरे बिना जो पल गुज़रे
वो जैसे बरसों का सिला है
तेरे साथ जो लम्हा बीते
वो जैसे रब की इक वज़ा है
ये कौन है जो दिल में है
हर इक धड़कन में सिलसिला है...