Who shehar e mohabbat

650

Musik skapad av Rahe Madeena Plus med Suno AI

Who shehar e mohabbat
v4

@Rahe Madeena Plus

Who shehar e mohabbat
v4

@Rahe Madeena Plus

Text
वो शहर-ए-मोहब्बत,जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने,को दिल चाहता है,
वो सोने से कंकर,वो चाँदी सी मिट्टी,
नज़र में बसाने,को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

जो पूछा नबी ने, कि कुछ घर भी छोड़ा,
तो सिद्दीक़-ए-अकबर, के होंटों पे आया,
वहाँ माल-ओ-दौलत, की क्या है हक़ीक़त,
जहाँ जाँ लुटाने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

जिहाद-ए-मोहब्बत, की आवाज़ गूँजी,
कहा हन्ज़ला ने, ये दुल्हन से अपनी,
इजाज़त अगर हो, तो जाम-ए-शहादत,
लबों से लगाने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

सितारों से ये, चाँद कहता है हर-दम,
तुम्हें क्या बताऊँ, वो टुकड़ों का 'आलम,
इशारे में आक़ा, के इतना मज़ा था,
कि फिर टूट जाने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

वो नन्हा सा असग़र, वो एड़ी रगड़ कर,
यही कह रहा था, वो ख़ैमे में रो कर,
ऐ बाबा ! मैं पानी, का प्यासा नहीं हूँ,
मेरा सर कटाने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

जो देखा है, रू-ए-जमाल-ए-रिसालत,
तो, ताहिर ! 'उमर, मुस्तफ़ा से ये बोले,
बड़ी आप से, दुश्मनी थी मगर अब,
ग़ुलामी में आने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,
Musikstil
Male Voice , Islamic nasheed, Islamic halal music,naat Sharif

Du kanske gillar

Cover av låten Oliwia
v5

Skapad av slawomir med Suno AI

Cover av låten Edit 11
v5

Skapad av Biró Gyula med Suno AI

Cover av låten kis
v4

Skapad av János Szép med Suno AI

Relaterad spellista

Cover av låten يا حب الله
v4

Skapad av ksh Struggle med Suno AI

Cover av låten CALL TO SPRING - OPERA ARIAS
v4

Skapad av Ákos Gyulai med Suno AI

Cover av låten Kocsi út az éjszakában
v4

Skapad av Brigitta Kabarné Hampl med Suno AI