Who shehar e mohabbat

760

Musik skapad av Rahe Madeena Plus med Suno AI

Who shehar e mohabbat
v4

@Rahe Madeena Plus

Who shehar e mohabbat
v4

@Rahe Madeena Plus

Text
वो शहर-ए-मोहब्बत,जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने,को दिल चाहता है,
वो सोने से कंकर,वो चाँदी सी मिट्टी,
नज़र में बसाने,को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

जो पूछा नबी ने, कि कुछ घर भी छोड़ा,
तो सिद्दीक़-ए-अकबर, के होंटों पे आया,
वहाँ माल-ओ-दौलत, की क्या है हक़ीक़त,
जहाँ जाँ लुटाने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

जिहाद-ए-मोहब्बत, की आवाज़ गूँजी,
कहा हन्ज़ला ने, ये दुल्हन से अपनी,
इजाज़त अगर हो, तो जाम-ए-शहादत,
लबों से लगाने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

सितारों से ये, चाँद कहता है हर-दम,
तुम्हें क्या बताऊँ, वो टुकड़ों का 'आलम,
इशारे में आक़ा, के इतना मज़ा था,
कि फिर टूट जाने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

वो नन्हा सा असग़र, वो एड़ी रगड़ कर,
यही कह रहा था, वो ख़ैमे में रो कर,
ऐ बाबा ! मैं पानी, का प्यासा नहीं हूँ,
मेरा सर कटाने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

जो देखा है, रू-ए-जमाल-ए-रिसालत,
तो, ताहिर ! 'उमर, मुस्तफ़ा से ये बोले,
बड़ी आप से, दुश्मनी थी मगर अब,
ग़ुलामी में आने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,
Musikstil
Male Voice , Islamic nasheed, Islamic halal music,naat Sharif

Du kanske gillar

Relaterad spellista

Cover av låten KAMION
v4

Skapad av Tibor Ország med Suno AI

Cover av låten День рождения Ирины
v4

Skapad av Максим Шолохов med Suno AI

Cover av låten Stone by the River
v4

Skapad av Josif Vasili med Suno AI

Cover av låten Marina di bibbona26
v4

Skapad av Marco Cannizzaro med Suno AI