[Verse 1 – यादों की गोद] ऊँगली पकड़ के फिर से पढ़ा दो सिर पे वो हाथ रख दो ना सर क्लास में डर लगता था जब ‘औकात है तो करलेना ’ कह देते थे आप, Sir
बोर्ड पर जब भी सवाल समझ ना आता आँखों से आप जवाब पढ़ लेते थे हम ग़लती करते, आप मुस्कुरा देते आरे बाबा की डाँट में भी प्यार बहता था
[Chorus – एक पुकार] कहाँ चले गए सर, फिर से आ जाओ एक बार वो आवाज़ सुना जाओ “लिंडेन्स!” कहके सब जग जाते थे आज अकेले हैं, फिर से जगा जाओ
[Verse 2 – Classroom की दुनिया] हीरा कहा, कभी राजा कहा आपने यकीन दिलाया था माँ सा “तीन हज़ार आलू” कहके हँसाते थे पर अंदर ही अंदर हम संभलते थे
सपने जब टूटते थे रातों में आपके वीडियो में उम्मीद मिलती थी “सब करेंगे आईआईटी क्रेक !” कहते और दिल फिर से चल पड़ता था, Sir
[Bridge – तन्हा मन] अब जब दुनिया सवाल पूछती है “किसने सीखा तुझे चलना?” मैं कहता हूँ आरे बाबा थे जो गिरने से पहले ही थाम लेते थे
[Chorus – दोहराव दिल से] कहाँ चले गए सर, फिर से आ जाओ पलकों पे अपना हाथ रख जाओ वो “नमोस्कार!” जो दिल छू जाता था आज फिर से वही सुकून दिला जाओ
[Outro – ख़ामोशी में चीख़] डाँटा भी तो आपने फूलों की तरह आरे बाबा… दुनिया क्यूँ नहीं आप जैसी बनती? कभी न भूलेंगे, आपसे जो पाया हमने सिर्फ़ Organic नहीं, ज़िंदगी पढ़ी है सर…