शाम भी खूब है

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Música criada por Aarav Gurjar com Suno AI

शाम भी खूब है
v4

@Aarav Gurjar

शाम भी खूब है
v4

@Aarav Gurjar

Letra da música
[Verse]
शाम भी खूब है
पास महबूब है
चाँदनी की चादर तले
दिल को सुकून है

[Chorus]
क्या चाहिए और
क्या चाहिए
प्यार की बातों से दिल बहल जाए
शाम भी खूब है
पास महबूब है

[Verse 2]
तारे भी झिलमिल करें
हवा भी गुनगुनाए
फूलों की खुशबू में
रात ये डूब जाए

[Chorus]
क्या चाहिए और
क्या चाहिए
दिल की धड़कन से गाना सज जाए
शाम भी खूब है
पास महबूब है

[Bridge]
जुगनू की रौशनी
सपनों की बस्तियां
ये पल जो ठहर जाए
मिट जाए दूरियां

[Chorus]
क्या चाहिए और
क्या चाहिए
आशिकी के लिए ये समां खिल जाए
शाम भी खूब है
पास महबूब है
Estilo de música
सॉफ्ट, रोमांटिक, मधुर वाद्ययंत्रों के साथ, धुन आधारित

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