Letra da música
[Verse]
एक गाँव की मिट्टी में
रामू का था बसेरा
सूरज संग उठता वो
सपनों का था डेरा
[Chorus]
रामू की कहानी
धूप छाँव सा सफर
सीधी-सादी बातें
दिल को छूता असर
[Verse 2]
हल चला के खेतों में
गीत वो गुनगुनाता
पसीने की बूंदों में
जीवन को सजाता
[Prechorus]
आसमान के तारे गिनता
धरती से जुड़ा रहता
[Chorus]
रामू की कहानी
धूप छाँव सा सफर
सीधी-सादी बातें
दिल को छूता असर
[Bridge]
बादल से वो कहता
"थोड़ी बारिश दे दे"
चाँदनी से कहता
"थोड़ी राहत दे दे"