Letra da música
अगर तुम मेरी ज़िंदगी में होते
तो मैं तुम्हें किसी क़ीमती शै की तरह नहीं,
किसी मासूम ख़्वाब की तरह सँभाल कर रखती।
तुम्हारे बालों में उंगलियाँ फेरती,
हर रात तुम्हारी पेशानी चूमकर
तुम्हें दुआओं के हवाले करती।
दुनिया की थकन तुम्हारे क़रीब आने न देती,
तुम्हारी पलकों पर उतरने वाली हर उदासी
पहले मेरे दिल पर टूटती।
तुम नाराज़ होते तो मैं ख़ामोशी से
तुम्हारे क़दमों में बैठ जाती,
कि तुम जान लो मेरी अना से ज़्यादा तुम ज़रूरी हो।
तुम हँसते तो मेरी काइनात महक जाती,
और जब रोते तो मेरी रूह भीग जाती।
मोहब्बत को मैंने सिर्फ़ चाहने तक महदूद नहीं रखा,
मैंने तुम्हें बच्चे की तरह पालने का
ख़्वाब देखा था।
मगर तुम मयस्सर ही न हुए
और मैं आज भी उस तिश्ना ख़्वाब की राख चूम रही हूँ।