Who shehar e mohabbat

694

Música criada por Rahe Madeena Plus com Suno AI

Who shehar e mohabbat
v4

@Rahe Madeena Plus

Who shehar e mohabbat
v4

@Rahe Madeena Plus

Letra da música
वो शहर-ए-मोहब्बत,जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने,को दिल चाहता है,
वो सोने से कंकर,वो चाँदी सी मिट्टी,
नज़र में बसाने,को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

जो पूछा नबी ने, कि कुछ घर भी छोड़ा,
तो सिद्दीक़-ए-अकबर, के होंटों पे आया,
वहाँ माल-ओ-दौलत, की क्या है हक़ीक़त,
जहाँ जाँ लुटाने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

जिहाद-ए-मोहब्बत, की आवाज़ गूँजी,
कहा हन्ज़ला ने, ये दुल्हन से अपनी,
इजाज़त अगर हो, तो जाम-ए-शहादत,
लबों से लगाने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

सितारों से ये, चाँद कहता है हर-दम,
तुम्हें क्या बताऊँ, वो टुकड़ों का 'आलम,
इशारे में आक़ा, के इतना मज़ा था,
कि फिर टूट जाने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

वो नन्हा सा असग़र, वो एड़ी रगड़ कर,
यही कह रहा था, वो ख़ैमे में रो कर,
ऐ बाबा ! मैं पानी, का प्यासा नहीं हूँ,
मेरा सर कटाने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,

जो देखा है, रू-ए-जमाल-ए-रिसालत,
तो, ताहिर ! 'उमर, मुस्तफ़ा से ये बोले,
बड़ी आप से, दुश्मनी थी मगर अब,
ग़ुलामी में आने, को दिल चाहता है,

वो शहर-ए-मोहब्बत, जहाँ मुस्तफ़ा हैं,
वहीं घर बनाने, को दिल चाहता है,
Estilo de música
Islamic halal music, Islamic nasheed, naat Sharif,

Você pode gostar

Capa da música Glitch & Gloss
v4

Criado por Mandula com Suno AI

Capa da música نور الهادي
v4

Criado por احمدعبدالرحمن ابو عبدالرحمن com Suno AI

Capa da música За туманом
v4

Criado por Vahtang Roshal com Suno AI

Lista de reprodução relacionada

Capa da música cím
v4

Criado por Ferenc Wimmer com Suno AI

Capa da música تك جاكو دوم
v4

Criado por Nasser Almshog com Suno AI

Capa da música Dil da jaani
v4

Criado por Jass Singh com Suno AI