Letra da música
[Verse]
बिहारी मैं, छपरा के गलियारे,
धोती-कुर्ता, हाथ में मछली बाजार के सहारे,
दही-चूड़ा, सुबह-सवेरे नीम के तले,
पटना की रौनक, और गंगा किनारे।
[Verse 2]
लिट्टी-चोखा, चाय का क़तल,
पुरानी हवेलियाँ, हर मोड़ पे खुली,
रिक्शा की घंटी, और ठेले की रौनक,
भगवान बराहमपुर के, गालियों में लाते।
[Chorus]
बिहार के धड़कन, गलियों का मंजर,
संस्कृति में बसा, धान और गन्ने का कंजर,
भोजन में स्वाद, रिश्तों में प्यार,
यही है मेरा अपना, सच्चा बिहार।
[Bridge]
सरसों के खेत, रंग बिरंगे उमंगों से,
भोजपुरी की मस्ती, नाच गाने में रंगों से,
आरा, बक्सर, या फिर गया का अंदाज,
हर कोना कहानी कहता, सुनने वालों की दरकार।
[Verse 4]
दशहरा, छठ पूजा, सजी गलियों की बहार,
गुड की मिठास, और तिलकोर का विचार,
दुल्हिन के घूंघट, सिंगार किए साजन,
सादा जीवन, और ऊंचे विचार।
[Chorus]
बिहार के धड़कन, गलियों का मंजर,
संस्कृति में बसा, धान और गन्ने का कंजर,
भोजन में स्वाद, रिश्तों में प्यार,
यही है मेरा अपना, सच्चा बिहार।