[Verse 1] दिन भर की थकानें चेहरे पे सवाल भीड़ के बीच भी जैसे मैं बिल्कुल अकेला हाल
[Chorus] मुझे तेरा सहारा बस और कुछ भी नहीं चाहिए तेरी बाँहों के घेरे में ये दुनिया भी छोटी लगे मुझे तेरा सहारा बस टूटे तो भी मैं संभलूँगा तू साथ है जब तक मेरे हर डर से मैं निकलूँगा
[Verse 2] तेरे दो शब्दों में पूरी मेरी राहत तेरी हँसी सुनते ही साँसों को भी राहत खो जाऊँ जब खुद से तू राह दिखा देती एक नाम पुकारूँ बस धड़कन थम-सी जाती
[Chorus]
[Bridge] सबने पूछा किस पे हूँ इतना मैं यकीन तेरा नाम आते ही भर आया ये सीने का सुकून गिर भी जाऊँ रूठ भी जाऊँ तू ही लौटाए मुझमें जुनून
[Chorus]
Styl muzyki
Warm mid-tempo Bollywood-style ballad, gentle acoustic guitar and soft piano over light percussion, with lush string swells into the hook. Male vocals, intimate verse delivery that blooms into an anthemic, repeatable chorus. Subtle backing harmonies and a soaring final refrain for emotional lift.