tekst piosenki
(प्री-कोरस / हुक)
हो काली स्याही पैं लिखा यो अभिषेक नाम, (जाट!) यार कम राखै, पर राखै सरेआम। नज़रां म्हारी तेज़, चाल म्हारी सीधी, अरे यो जाट खड़ा जिस्से गाँव म्हारी रीढ़ी।
(अंतरा १)
ओ! Yo! 'असला' तो यार, बस टशन की बात है, कमान म्हारी तगड़ी, जब आवैं म्हारी रात है। दुनियाँ बोली चौधरी, सब मानैं म्हारा रैब है, अभिषेक जाट नाम का, यारों पूरा क्रैब है। हो... बात म्हारी पत्थर की, मिटैं ना लाख बार, जद खड़ा हो अभिषेक, होवैं गेल्या यार हज़ार।
(कोरस)
हाँ! यो काला असला, यारों की यारी है, जद अभिषेक बोलैं, हर बात भारी है। रुक्का पड़ग्या शहर म्ह, यो हलका ना मामला, अभिषेक जाट नाम, अर गेल्यां काला असला! (बीट ड्रॉप!)
(अंतरा २)
जीन्स म्हारी फीकी, पर जीना म्हारा रंगीन है, दबकै कदे ना रहणा, यो एटीट्यूड महीन है। राम का मैं भक्त, भोले का मैं प्यारा हूँ, ज़मीन का मैं पुत्त, म्हारा वज़न न्यारा हूँ। रोहतक हो या दिल्ली, या दुनियाँ म्हारे हाथ है, जद अभिषेक चाल्लैं, साथ रब का साथ है।
(कोरस)
हाँ! यो काला असला, यारों की यारी है, जद अभिषेक बोलैं, हर बात भारी है। रुक्का पड़ग्या शहर म्ह, यो हलका ना मामला, अभिषेक जाट नाम, अर गेल्यां काला असला!
Styl muzyki
Indie Pop, Glitch Hop, Glitch Pop, Pop, Electronic