[Verse] मेरा जुनून सबको दिखता है बस मुझको खेलना आता है इस आदिवासी गेम कबड्डी में रूह का बस यही जवाब है [Verse 2] जब मैदान पे कदम रखते दिल में जीने की आस जगते सांसों की ये रस्साकशी बस कबड्डी में जीने की राह दिखे [Chorus] तो आया मैं आया मेरे दिल ने फिर पुकारा बहाने छोड़ खेलने आया आ तुझसे रूह का है खेल हारना [Verse 3] दिन-रात का न कोई डर बस कलाई पे बंधा ये आज़ाद पर हर दम का उत्सव सा पल कबड्डी हो या हो सब से अलग [Verse 4] मिट्टी की ये महक बड़ी खेलने की शोहरत जड़ी साँसों की ये रवानगी कबड्डी को ही समर्पित हर खुशी [Bridge] दिल का है ये दीवाना सफर ना जगह न सरहद कोई बसर उड़ान भरे ये हर दम कबड्डी में ही है मायने सारे कम