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भीम के सपनों का ये सवेरा,
न्याय का सूरज फिर से है उगा,
संविधान के रचयिता हमारे,
हर दिल में उनका नाम जगा।
जुल्म के अंधेरों को तोड़कर,
रोशनी का दीप जलाया,
समानता का हक दिलाकर,
हर इंसान को सिर उठाया।
(Chorus)
जय भीम, जय भीम, गूंजे हर दिशा,
बाबासाहेब का है ये कारवां,
समानता, शिक्षा, अधिकार की राह,
उनसे ही रोशन है ये जहां।
(Verse 2)
कलम को हथियार बनाकर,
अज्ञान का तिमिर मिटाया,
दलितों के हक की खातिर,
हर बाधा को पार लगाया।
ना झुके, ना रुके कभी वो,
सत्य के पथ पर चलते गए,
भारत के हर कोने में,
इंसाफ के बीज बोते गए।
(Chorus)
जय भीम, जय भीम, गूंजे हर दिशा,
बाबासाहेब का है ये कारवां,
समानता, शिक्षा, अधिकार की राह,
उनसे ही रोशन है ये जहां।
(Bridge)
शिक्षित बनो, संगठित रहो,
संघर्ष करो ये संदेश दिया,
हर दिल में हिम्मत भर दी उन्होंने,
जीने का एक अंदाज़ दिया।
(Verse 3)
आज भी उनका नाम लेकर,
हम आगे बढ़ते जाते हैं,
उनके दिखाए रास्तों पर,
नए सपने सजाते हैं।
उनकी सोच अमर रहेगी,
हर युग में उनका मान रहेगा,
भीम का ये संदेश सदा,
हर दिल में सम्मान रहेगा।
(Final Chorus)
जय भीम, जय भीम, गूंजे हर दिशा,
बाबासाहेब का है ये कारवां,
समानता, शिक्षा, अधिकार की राह,
उनसे ही रोशन है ये जहां।
Stijl van muziek
Rock, Jazz, Country, Traditional Folk, Neo Folk