[Verse 1] आलू बोला "मुझको खा लो मैं तुमको गोल-गोल कर दूँगा गाल बना दूँ तकिए जैसे थोड़ा-सा मोटा कर दूँगा" (अरे वाह!)
पालक बोली "मुझको खा लो मैं तुमको ताक़त दे दूँगी भागोगे तो दूर-दूर तक मुश्किल लगना मैं भू́ल दूँगी" (हैं जी!)
[Chorus] सब्ज़ी मंडी की ये मीटिंग सब हैं लाइन में खड़ी थोड़ी-थोड़ी रोज़ अगर खाओ ज़िंदगी होगी बड़ी रंग-बिरंगी थाली सजाओ मुस्कानें भी खिल जाएँ सब्ज़ी दोस्त हैं याद रखो हर कौर में खुशबू आए
[Verse 2] गोभी मटर टमाटर बोले "हम भी कुछ कम क्या भला रंग मज़ा और स्वाद हमारा थाली में दे दे उजाला"
गाजर भिंडी बैंगन बोले "हमसे भी यारी कर लेना अगर हमें भी ख़ुशी से खाओगे जल्दी-बड़ी कहानी बनना" (चटपट!)
[Chorus] सब्ज़ी मंडी की ये मीटिंग सब हैं लाइन में खड़ी थोड़ी-थोड़ी रोज़ अगर खाओ ज़िंदगी होगी बड़ी रंग-बिरंगी थाली सजाओ मुस्कानें भी खिल जाएँ सब्ज़ी दोस्त हैं याद रखो हर कौर में खुशबू आए
Stijl van muziek
Bouncy kids’ song vibe with acoustic guitar, claps, and light tabla groove; female vocals playful and animated. Verses stay talk-sung and percussive, chorus opens into a bright, shout-along hook with group kids’ responses and simple call-and-response ad-libs. Warm bass and shaker keep it moving, tiny xylophone hits accent each veggie name.