माँ तेरे दर पे आया हूँ, भक्ति का दीप जलाया हूँ, सुन ले मेरी पुकार माँ, शरण में तेरा ही आया हूँ।।
Verse 1
शेर पे बैठी जगदंबे, तेरी महिमा अपरंपार, तेरी शक्ति से ही माँ, चलता सारा संसार। तेरे चरणों में सुख पाया, हर दुख मैंने भूलाया।। माँ तेरे दर पे आया हूँ…
Verse 2
नवरात्रों में तेरी महिमा, घंटा-घड़ियाल बजे, भक्तों के मन मंदिर में, तेरे ही गीत सजे। तेरी जोत जली जब माँ, अंधेरा सारा मिटाया।। माँ तेरे दर पे आया हूँ…
Verse 3
भक्त तुम्हारे झूम उठे हैं, नाचें गा के तेरा नाम, सिंह गर्जना करती तेरी, सुनके कांपे सारा धाम। तेरे चरणों की धूल माँ, जीवन मेरा सजाया।। माँ तेरे दर पे आया हूँ…
Stijl van muziek
Pop, Rock, Indie Pop, EDM, Hyper Pop, Hip Hop, Classical, relaxed, Male Voice