सावन की रिमझिम फुहार है, देखो शिव-गौरी का प्यार है। धरती ने किया श्रृंगार है, हर मन में उत्सव अपार है। सावन की रिमझिम फुहार है...
कैलाश पे बैठे ध्यान लगाए, जटा में गंगा की धार समाए। माथे पे चंदा, गले भुजंग है, योगी का देखो अद्भुत रंग है। पर जैसे ही गौरी ने पुकारा, मन झूमा शिव का डमरू वाला। डमरू बजा, हुआ शंखनाद है... ये शिव-गौरी का संवाद है।
सावन की रिमझिम फुहार है, देखो शिव-गौरी का प्यार है। धरती ने किया श्रृंगार है, हर मन में उत्सव अपार है।
गौरी के रूप में शक्ति सजी है, शिव के ही नाम की भक्ति रची है। हरी चुनरी, और मेंहदी वाले हाथ, चली हैं पिया अपने भोले के साथ। इनके मिलन से ही जग चलता, हर भक्त का संकट है टलता। ये कृपा की ही बौछार है... इनसे ही सारा संसार है।
सावन की रिमझिम फुहार है, देखो शिव-गौरी का प्यार है। धरती ने किया श्रृंगार है, हर मन में उत्सव अपार है।
हर हर महादेव! जय शिव-गौरी! बोलो हर हर महादेव!
Style of Music
Female Voice, An energetic Bhojpuri devotional DJ track featuring a pulsating heavy bass driving the rhythm, Opening with rattling Damru rolls and trance-inducing percussion, layers of syn 120-160 BPM