歌詞
ओऽम् जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ।। ओऽम्...
उमा, रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ।। ओऽम्...
दुर्गा रूप निरंजनि, सुख-सम्पति दाता।
जो कोई तुमको ध्याता, ऋिद्धि-सिद्धि धन पाता। ओऽम्...
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनि, भवनिधि की त्राता ।। ओऽम्...
जिस घर में तुम रहती, सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता ।। ओऽम्...
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता ।। ओऽम्...
शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरो दधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता। ओऽम्... महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई जन गाता।
उर आनन्द उपजे, पाप उतर जाता ।। ओऽम्...
音楽のスタイル
Traditional Folk, Hindustani Folk, Joy, Male Voice, 120-160 BPM