歌詞
जय श्री श्री दादा जी की जय
भक्तों का तारण, दीनों का सहाय।
धूना रचाया, भक्ति जगाई,
हरियाणा-राजस्थानी में गूंजे बड़ाई।।
दादा जी की बात निराली,
सच्चे भक्तों की रक्षा करने वाले।
चीमटा हाथ में, भभूत लगाए,
हर घर में कृपा बरसाए।।
श्री श्री दादा जी, पावन नाम,
जिसे जपे, वो पाए काम।
भक्तों की बिगड़ी बनाते,
पाप और संकट हर ले जाते।।
जय दादा जी, जय जयकार,
तेरे द्वार बिना नहीं कोई पार।
शरण में आए, वो न खाली जाए,
तेरा नाम जो सच्चे मन से गाए।।
音楽のスタイル
Indie Pop, Sadness, Male Voice, 80-120 BPM