मूहबत्त ऐसा हो गया हे ना जी सका न मर सका हू। दुरिया अपने प्यार से मिली तो। तो अकेले मे सबके आघे हो चुका हु। क्या तुम मूझ्से प्यार करती हो। हर रात याद मे आए भरती हो। ना पाओगी भूल्ना मुझे तुम। एक होंगे प्यार मे हम तुम । सोनिया वो वो माहिया माहिया बदलेंगी जमाना बदलेंगी ए जमी हर तरफ मेरे प्यार हर चरफ पाओगी हमे। मेरा पेहेला प्यार हो तुम । मेरे ईश्कका यार हो तुम । माहिया वो वो माहिया माहिया पुछलो तुम हो सकेतो अपनी तनहायिया से । वो दिवार वो खिड्की वो यादो से मे ही रहुंगा हर पल तुमही से माहिया माहिया मेरा सिर्फ तुजसे प्यार हे माहिया माहिया मे ही तेरा प्यार रे माहिया वो माहिया