क़ैदी नंबर 804

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Musica creata da Sahidulla Karim con Suno AI

क़ैदी नंबर 804
v4

@Sahidulla Karim

क़ैदी नंबर 804
v4

@Sahidulla Karim

Testi
[Intro]
क़ैदी नंबर 804
सुन ले ज़रा, सुन ले ज़रा
क़ैदी नंबर 804
मुल्क भी मेरा, फौज भी मेरी, आवाम मेरा

[Verse 1]
लोहे की सलाखें, फिर भी इरादा जिंदा
ज़ुल्म की दीवारों में भी एक सदा है जिंदा
हाथों में बेड़ी है, दिल में यकीन है
जिस्म तो बंद है, पर रास्ता हसीन है
मैं झुकूँगा नहीं, मैं बिकूँगा नहीं
तेरे शोर से, तेरे जोर से रुकूँगा नहीं

[Pre-Chorus]
सुनो, ये आवाज़
मिटती नहीं
सुनो, ये आग
बुझती नहीं
मुझको छू के देख
टूटेगा झूठ
फिर से कहो

[Chorus]
क़ैदी नंबर 804
मुल्क भी मेरा, फौज भी मेरी, आवाम मेरा
क़ैदी नंबर 804
सच भी मेरा, जंग भी मेरी, नाम मेरा

[Verse 2]
मिट्टी की खुशबू, माँ की दुआ में
रात कटी है मेरी, अपनी सजा में
हर एक ताला अब सवाल बन गया
हर एक पहरा एक जवाब बन गया
मैंने तो सीखा है धैर्य से लड़ना
सर झुका के भी तूफ़ान को पढ़ना

[Pre-Chorus]
सुनो, ये आवाज़
मिटती नहीं
सुनो, ये आग
बुझती नहीं
मुझको छू के देख
टूटेगा झूठ
फिर से कहो

[Chorus]
क़ैदी नंबर 804
मुल्क भी मेरा, फौज भी मेरी, आवाम मेरा
क़ैदी नंबर 804
सच भी मेरा, जंग भी मेरी, नाम मेरा

[Bridge]
जो सच के साथ है, वो अकेला नहीं
जो हक़ के साथ है, वो बेआवाज़ नहीं
ज़ंजीरें बोलेंगी, पर जीत नहीं
अँधेरा कितना भी हो, सुबह दूर नहीं

[Final Chorus]
क़ैदी नंबर 804
मुल्क भी मेरा, फौज भी मेरी, आवाम मेरा
क़ैदी नंबर 804
सच भी मेरा, जंग भी मेरी, नाम मेरा
Stile di musica
Political anthem with heavy marching drums, gritty guitar stabs, and siren-like synth swells; verse rides tense and declarative, pre-chorus pulls back to bare toms and chanted replies, chorus opens wide with stomping gang vocals and call-and-response. Deep male lead, layered doubles on the hook, reverse swells into each drop, punchy and विशाल mix.

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