Nath islamic

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Musica creata da Santa Banta con Suno AI

Nath islamic
v4

@Santa Banta

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@Santa Banta

Testi
आका कहूं कि मालिके सिमना कहूं तुझे।

जेहरा के लाडले, ए जिगर गोशये रसूल।
सरवर कहूं या अशरफे-जीशा कहूं तुझे।।

आका कहूं कि मालिके सिमना कहूं तुझे।

हर मर्ज़े ला-इलाज का होता यहां इलाज़।
साफी कहूं या दर्द का दर्मा कहूं तुझे।।

आका कहूं कि मालिके सिमना कहूं तुझे।

है मुश्कबार अशरफे-सिमना तेरी।
मखदूम ज़माना गुले सिमना कहूं तुझे।।

आका कहूं कि मालिके सिमना कहूं तुझे।

दुखियों का गम गोसार, मरीजों का मसीहा।
शिमना का ताजदार , या मेहमाँ कहूं तुझे।।

आका कहूं कि मालिके सिमना कहूं तुझे।

ए चरखे किछौछा की ज़्याबार आफताब।
खुर्शीद कहूं या सहे सिमना कहूं तुझे।।

आका कहूं कि मालिके सिमना कहूं तुझे।

तेरी ही पैरवी में असले रहे निजाद।
उकबा के लिए कीमती सामान कहूं तुझे।।

अंजुम की जगमगा दिया तारीकिये-हयात।
अशरफ कहूं या सम्मे फिरोज़ा कहु तुझे।।
Stile di musica
इस्लामी नशीद, इस्लामी नात, भावपूर्ण संगीत, शांत ध्वनि, धीमी आवाज़, कोई वाद्य यंत्र नहीं, पृष्ठभूमि में पैड का प्रयोग

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