गोकुल की गलियां

760

Musica creata da Kirtan Bhagora con Suno AI

गोकुल की गलियां
v4

@Kirtan Bhagora

गोकुल की गलियां
v4

@Kirtan Bhagora

Testi
[Verse]
गोकुल की गलियों में
तेरा खेल निराला
मुरली की धुन से
सारा जग है पाला
चांदनी रातों में
छुप-छुप के आए
तेरी हर अदा पे
सारा ब्रज मुस्काए

[Chorus]
राधा के संग तूने
रचाया वो सपना
प्रीत की वो बातें
जो कभी न हो अपना
तेरे हर रूप में
छिपा एक संदेश
प्रेम ही है जीवन
प्रेम ही विशेष

[Verse 2]
यमुना के तट पर
तूने रास रचाया
गोपियों के संग तूने
प्रेम का रंग लाया
चरणों की धूल से
सब पावन हुए
तेरे नाम से ही
सब बंधन छूटे

[Bridge]
कभी कान्हा कभी श्याम
नाम तेरा प्यारा
तेरी मुरली की धुन
जग का सहारा
जहां देखूं वहां
बस तेरा ही नज़ारा
प्रेम का संदेश
तेरा सबसे न्यारा

[Chorus]
राधा के संग तूने
रचाया वो सपना
प्रीत की वो बातें
जो कभी न हो अपना
तेरे हर रूप में
छिपा एक संदेश
प्रेम ही है जीवन
प्रेम ही विशेष
Stile di musica
acoustic with flute and tabla, soulful, traditional indian, emphasizing melodic flow and heartfelt vocals

Potrebbe piacerti

Playlist correlata