Paroles
[Intro]
झिंझियाली की धरती बोले,
जनता की आवाज़ है!
सरपंच उम्मीदवार,
प्रहलाद सिंह भाटी—हमारा नाम है!
[Verse 1]
अपने लोगों के लिए लड़ने वाला,
सच की राह पे आगे बढ़ने वाला,
मुश्किल आए, डटकर खड़ा,
किसी से नहीं डरता—ऐसा है हमारा भाटी!
[Chorus]
गाँव के विकास के लिए,
अबकी बार लाना है हमको,
प्रहलाद सिंह भाटी को!
झिंझियाली के लोग अबकी बार,
प्रहलाद सिंह भाटी—अपनी सरकार!
[Verse 2]
हर गली में तरक्की का सपना,
हर घर तक पहुँचे अपना हक़ अपना,
सबकी बात सुने, सबको साथ ले,
गाँव को आगे बढ़ाए, मेहनत के साथ चले!
[Chorus]
गाँव के विकास के लिए,
अबकी बार लाना है हमको,
प्रहलाद सिंह भाटी को!
झिंझियाली के लोग अबकी बार,
प्रहलाद सिंह भाटी—अपनी सरकार!
[Bridge]
जनता की ताकत, जनता का मान,
मिलकर लिखेंगे विकास की पहचान!
हाथ उठाकर बोलो ज़ोरदार,
भाटी जी को जिताएगा गाँव इस बार!
[Final Chorus]
गाँव के विकास के लिए,
अबकी बार लाना है हमको,
प्रहलाद सिंह भाटी को!
झिंझियाली के लोग अबकी बार,
प्रहलाद सिंह भाटी—अपनी सरकार!
झिंझियाली के लोग अबकी बार,
प्रहलाद सिंह भाटी—अपनी सरकार!
Style de musique
Rajasthani folk campaign song, energetic dholak and nagara groove, khartal accents, harmonium and bright brass responses, confident male lead vocal with a village-crowd call-and-response chorus, catchy repeated slogan hook, celebratory outdoor rally feel, clear Hindi diction, punchy organic mix, verses build into a big communal refrain