Thakur ka rutba

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Musique créée par Himanshu Raghav avec Suno AI

Thakur ka rutba
v4

@Himanshu Raghav

Thakur ka rutba
v4

@Himanshu Raghav

Paroles
हम ठाकुर हैं अलीगढ के रे मारी हस्ती नहीं आ रही है | छोरी पीछे भागे नहीं बापू की पगड़ी प्यारी से |
ठाकुर के हैं ठाट-बाट और रुतबा अपना न्यारा से | महाराणा प्रताप की नाती अपना अलग नजारा से |

खून में मारे लोहा बहता .हमें झुकना नहीं सिखाया है | न्याय के आगे dte रहे है | भारी नाम कामया से
अलीगढ़ का यो ठाकुर बेटा . अलग ही धूम मचारा से .
Yari mein Ham Jaan Luta De छत्री नाम बनाया है
गैरों की हम सुनते न अपनो पर जान लुटाते हैं
जो हाथ बढ़ावे यारी का रे उसको गले लगते हैं
अलीगढ़ में हैं रजवाड़ा यहां शेर पाले जाते हैं
पीछे तो हम बार करें न सामने से भिड जाते हैं
हम ठाकुर हैं अलीगढ़ के रे
मारी हस्ती सबसे न्यारी से
छोरी पीछे भागे नहीं बापू की पगड़ी प्यारी से
यारों पे हम जान लुटा दे कर देना गद्दारी से
ठाकुर की यो आन बान और शान हमारी न्यारी से
मौत के सामने खड़े रहे घोड़े की सवारी से
दुश्मन तो बहुत फपेड़े अब के तेरी बारी है
अलीगढ़ के हैं छोरे हम अपनी इज्जत सबसे प्यारी हैं
शेरों जैसी चाल है अपनी रुतबा अपना जारी है .
Style de musique
Male Voice

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