Letra
(Verse 1)
आ गइली छठी मइया, घाट पे उजियार हो गइल,
गंगा जी के किनारा, सारा संसार हो गइल।
मइया के अरघ देबऽ, हाथ में ठेकुआ भइल,
सूरज देव के नाव झूम झूम के चल गइल।
(Chorus)
छठी मइया आइल बाड़ी,
घरे-घरे गीत बजाई,
सुपवा में फलवा सजाई,
नारी सब भक्ति में समाई।
(Verse 2)
सातु-चूला पे पकऽत बा खरमा-रोटी,
मइया के मेला में चमके लाली-चोटी।
बच्चा-बूढ़ सब हर्ष में नहाई,
अरघ दिहलें मइया अँखियन से लोर झराई।
(Chorus)
“छठी मइया, सुख देs, समृद्धि देs,
हर घर में बरकत बरसा देs।”
मिट्टी के दियरा चमक गइल,
घाट पे मंगल गान गूँज गइल।
(Verse 3)
भोर भइल तो सूरज देव मुस्काई,
घाट पे मइया के अँचरा लहराई।
सोनवा, रूपवा, सुखवा बरसा देs,
हमर घर आँगन में छठी मइया बसा देs।
(Ending)
जय छठी मइया, जय गंगा मइया,
गावँ-गावँ गूँजे तोहार नाव मइया।
सूरज देव के अरघ चढ़ाई,
सबकी मनोकामना पूरी कराई।