Letra
Verse 1
वृन्दावन की गलियों में, मोहन मुरली बाजे,
रसरंग में डूबा मन, हरि के चरण साजे।
मोर मुकुट सिर शोभित, पीताम्बर लहराए,
देखि श्याम का रूप मन, प्रेम सुधा बरसाए॥
Chorus
मोहन मुरली बजा दे, मन मोहन प्यारे,
तेरी धुन सुन कर दौड़े, सब ब्रज के बासिंदा न्यारे।
मोहन मुरली बजा दे...
Verse 2
राधा रानी मंद हँसी, श्याम सँग नैन मिलाए,
चरणों में प्रेम सुधा, मन के घाव मिटाए।
यमुना के तट बैठी, सुनती मधुर तान,
भूल गई सब जग की सुधि, बस श्याम का नाम॥
Chorus
मोहन मुरली बजा दे, मन मोहन प्यारे,
तेरी धुन सुन कर दौड़े, सब ब्रज के बासिंदा न्यारे।
मोहन मुरली बजा दे...
Verse 3
फूलों की वर्षा होती, गगन गूँजे बंसी,
हर गोपी के मन में, श्याम कथा हो अंसी।
रस बरसे, प्रीत बरसे, मोहन रास रचाए,
देख-देख रसिकजन, हरि लीला गुन गाए॥
Last Chorus
मोहन मुरली बजा दे, मोहन मुरली बजा दे,
तेरी एक तान में छुपा है, हरि प्रेम का सागर प्यारे।
मोहन मुरली बजा दे...
Estilo de música
Ethereal, soulful, slow, Female Voice, 60-80 BPM