मुझको जीने का कोई शौक नहीं

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Música creada por Mohtasim Malik con Suno AI

मुझको जीने का कोई शौक नहीं
v3.5

@Mohtasim Malik

मुझको जीने का कोई शौक नहीं
v3.5

@Mohtasim Malik

Letra
[Verse]
दिल की आवाज सुनता हूं साफ
खुद से हर बात करता हूं हर लफ्ज खास
आसमान में उड़ता हूं जैसे परिंदा
हवा के संग बहता हूं निराला ये किस्सा
[Verse 2]
सपनों में खोया हूं नई दुनियां में
खुद को पाता हूं रोज़ आईने में
रातें भी अब नए रंग लाती हैं
एक ख्वाब सा हर दिन सजाती हैं
[Chorus]
मुझको जीने का कोई शौक नहीं
मर जाऊं उसका मुझको खौफ नहीं
दिल की धड़कन जब तक चलती है
खुशियों की राह मेरे संग चलती है
[Verse 3]
लम्हों की गलियों में खोता हूं
हर शाम नए रंग सा होता हूं
आखों में चमक है वो जिंदगानी की
सब कुछ जैसे है एक प्यारी सी कहानी
[Bridge]
रिश्तों की गर्माहट है सजी यहां
दिल की बातों में बसी है खुशबू यहां
दुनिया न समझे हर कहीअनकही बात
हमसे शिकवे न कर हर ख्वाब रंगीन रात
[Chorus]
मुझको जीने का कोई शौक नहीं
मर जाऊं उसका मुझको खौफ नहीं
दिल की धड़कन जब तक चलती है
खुशियों की राह मेरे संग चलती है
Estilo de música
पॉप उत्साही जीवंत

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