कार्तिक पूर्णिमा

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Música creada por Sanjay con Suno AI

कार्तिक पूर्णिमा
v3.5

@Sanjay

कार्तिक पूर्णिमा
v3.5

@Sanjay

Letra
[Verse]
गगन झूमे चाँदनी रात
लहरों में बहे सकल संसार
दीप जले पावन दीपावली
माँग रही सब खुशियाँ हज़ार
[Verse 2]
गंगा घाट पर भीड़ जुटी
भक्तों से पूरित हर कहीं
संकल्पों के संग आरती
माँ गंगा के चरणों में बसी
[Chorus]
कार्तिक पूर्णिमा की रौनक
हर दिल में फैली है खुशी
प्रेम और भक्ति का संगम
सजी है आशाओं की बगिया
[Verse 3]
हाथ जोड़ें सब मंदिरों में
गीतों में बसी आराधना
अंतस के भाव उमड़ें
हर दिल में बसे प्रीत की वाणी
[Bridge]
आसमान में रंगीनी
दीपों की कतारें सजाएँ
हर किरण में आशा की किरण
रातें रोशनी से खिल उठें
[Chorus]
कार्तिक पूर्णिमा की रौनक
हर दिल में फैली है खुशी
प्रेम और भक्ति का संगम
सजी है आशाओं की बगिया
Estilo de música
traditional vibrant

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