[Verse 1] ओ मेरी शर्मीली ना जा दिल चुरा के तोर मुस्कान रे मोर जिया धड़के
अँखियन में बँध गई देखे बिन चैन नाहीं तोर बातों के रंग से रातेँ सुनहली लागे
[Pre-Chorus] धीरे-धीरे पास आ दिल के दरवाज़ा खोल एक नजर में लूट ली सगरी दुनिया मोर
[Chorus] शर्मीली अंखियाँ परदा गिरा के होठवा के बात रे दिल में छुपा के
शर्मीली अंखियाँ मोर मन भा गे थोड़ा-थोड़ा लागे सनम प्यार आ गे
[Verse 2] एक छउड़ी एना से गुजर गे हवा में खुशबू छोड़ गई गली के मोड़ पे ठहर के मोर साँसों में घुल गई
कब से कहे बिन रहल अब त मन ना माने तोर हँसी के जादू से सब अरमान जग जालें
[Pre-Chorus] धीरे-धीरे पास आ दिल के दरवाज़ा खोल एक नजर में लूट ली सगरी दुनिया मोर
[Chorus] शर्मीली अंखियाँ परदा गिरा के होठवा के बात रे दिल में छुपा के
शर्मीली अंखियाँ मोर मन भा गे थोड़ा-थोड़ा लागे सनम प्यार आ गे
[Bridge] ना बोललू ता चल जाई ना देखलू ता बुझ जाई पर तोरे एक झलक से मोर रग-रग मुसकाई
अब तुही बतावा केकरा से दिल लगाई एना से गुजर के कइसन जाल बिछाई
[Chorus] शर्मीली अंखियाँ परदा गिरा के होठवा के बात रे दिल में छुपा के
शर्मीली अंखियाँ मोर मन भा गे थोड़ा-थोड़ा लागे सनम प्यार आ गे
Musikstyle
Bhojpuri-pop with a swaying mid-tempo groove, clapped percussion and hand-played dholak patterns; verse stays intimate with sparse bass and nakharali vocal turns, pre-chorus lifts with layered harmonies and a snare roll, chorus opens wide with gang vocals on the anchor phrase and a bright melodic hook. Vocal is close-mic and playful, with echo tails on end words, छोटे risers into each chorus, and a glossy mix that feels warm, punchy, and romantic.