[Intro] तेरे यार ने मारेगे रुतवा हज़ारों में विवेक गैन्हार नाम सीना है फ़लक से भी आगे (ha!)
[Verse 1] तेरे यार ने नाम कमाया पैसा गँवाया दिल से लगाया रोला मैंने अपने दम पर किसी के एहसान ना खाया शेरों के परिवार में जन्म ख़ून में जूनून की आग मारा परिवार मुखिया कहलाय गाँव पे मेरा ही राज
[Chorus] तेरे यार ने मारेगे रुतवा हज़ारों में (हज़ारों में) विवेक गैन्हार बोलें तो गूँजे चौराहों में मैंने रोला अपने दम पर साया भी साथ डरे तेरे यार ने मारेगे नाम से ही सब सहे
[Verse 2] गाँव की मिट्टी माथे का ताज मेरे लिए सबसे ख़ास कदम उठे तो धरती डोले बात बने तो टेढ़ी लकीर सा राज पीछे की बातें पीछे ही छोड़ी आगे का ही मेरा फिराज़ दिन रात एक कर डाला तभी तो हूँ सबका नाज़
[Chorus] तेरे यार ने मारेगे रुतवा हज़ारों में (ओये!) विवेक गैन्हार की गूँज दिलों के दरबारों में मैंने रोला अपने दम पर किस्मत भी हक़ में झुके तेरे यार ने मारेगे देख के अपनी नज़रें झुके
[Bridge] एक मैं एक मेरा भरोसा बाक़ी सब किस्से कहानियाँ घर का नाम गाँव की इज़्ज़त इन पर ही मेरी निगाहें शेर सा चलूँ सर ऊँचा रखूँ झुकना नहीं सीखा यार विवेक गैन्हार जो बोले अगली लाइन बने हथियार
[Chorus] तेरे यार ने मारेगे रुतवा हज़ारों में विवेक गैन्हार बोलें तो लिख दें अख़बारों में मैंने रोला अपने दम पर रख दी दुनिया हिलाके तेरे यार ने मारेगे नाम से ही सब चिल्लाके (हाँ!)
Musikstyle
Hard-hitting Haryanvi trap-rap banger, male vocals. Minimal dark synth loop and thick sub-bass under tight, punchy drums. Verses stay close and gritty with dry vocal up front; hook explodes with stacked gang vocals and short delay throws. Occasional riser sweeps into sections, quick mute drops before key punchlines to make the boasts land harder.