[Verse 1] दर पे तेरे आया हूँ टूटी सी उम्मीद लिए धूल भरे इस दिल में तेरा ही नाम जिए
तेरी नज़र की छाया राहों को रोशन कर दे भटका हुआ ये बंदा एक पल में सजदा कर दे
[Pre-Chorus] मन में जो अँधेरा है उसको तू उजाला कर सूखे हुए इस दरिया को अपनी रहमत से भरा कर
तेरे बिना क्या पाना तेरे बिना क्या खोना तेरे दर की मिट्टी में मेरा सारा दुख बोना
[Chorus] सैय्यद सुलेमान शाह मेरे दिल की पनाह (सैय्यद सुलेमान शाह)
सैय्यद सुलेमान शाह रख ले मुझको पनाह (सैय्यद सुलेमान शाह)
तेरे नाम से जागे मेरी रूह की राह सैय्यद सुलेमान शाह
[Verse 2] कच्छ की हवा में तेरी बरकत का रंग घुला है रेत के हर कण में तेरा ही जलवा खुला है
सूफी सा यह मन मेरा झूमे तेरी चौखट पर इश्क़ की एक बूंद मिली उतर गई पत्थर पर
दूर था मैं खुद से ही तूने मुझे पहचान दिया खाली थी मेरी आँखें तूने उन्हें अरमान दिया
[Pre-Chorus] मन में जो अँधेरा है उसको तू उजाला कर सूखे हुए इस दरिया को अपनी रहमत से भरा कर
तेरे बिना क्या पाना तेरे बिना क्या खोना तेरे दर की मिट्टी में मेरा सारा दुख बोना
[Chorus] सैय्यद सुलेमान शाह मेरे दिल की पनाह (सैय्यद सुलेमान शाह)
सैय्यद सुलेमान शाह रख ले मुझको पनाह (सैय्यद सुलेमान शाह)
तेरे नाम से जागे मेरी रूह की राह सैय्यद सुलेमान शाह
[Bridge] एक नज़र कर दे जो किस्मत पलट जाए रुकी हुई साँसों में फिर से सहर आ जाए
मैं न कुछ भी माँगूँ बस तेरी रज़ा माँगूँ तेरे ही दर से अपनी हर एक दवा माँगूँ
[Final Chorus] सैय्यद सुलेमान शाह मेरे दिल की पनाह (सैय्यद सुलेमान शाह)
सैय्यद सुलेमान शाह रख ले मुझको पनाह (सैय्यद सुलेमान शाह)
तेरे नाम से जागे मेरी रूह की राह सैय्यद सुलेमान शाह
सैय्यद सुलेमान शाह मेरे दिल की पनाह (सैय्यद सुलेमान शाह)
النمط من الموسيقى
Sufi folk devotional in Kachchi and Sindhi-flavored Hindi, slow swaying 6/8 feel with hand drums and harmonium drones; verse stays intimate and prayerful, pre-chorus lifts with claps and layered responses, chorus opens into a chantable call around the saint’s name. Lead vocal is warm and close-mic with gentle doubles, soft group replies on the hook, a sand-wind riser into each chorus, and a wide earthy mix that feels sacred, human, and hand-played.