[अंतरा] लक्ष्मी माँ की कृपा से भर जाएं भंडार धन-धान्य का बरसे अम्बर मिटे हर अंधकार उनके चरणों में बसे सुख और समृद्धि माँ लक्ष्मी हैं हर घर की ज्योति [अंतरा 2] सरस्वती माँ के ज्ञान से जग आलोकित विद्या का वरदान देकर मिटाएं अज्ञान का अंधकार उनकी वीणा की धुन से जागे संगीतमय संसार माँ सरस्वती हैं विद्या की बानी [सहगान] त्रिदेवी की महिमा अपरंपार लक्ष्मी सरस्वती दुर्गा तीनों का अपार प्यार इनके चरणों में झुके सब संसार त्रिदेवी की महिमा अपरंपार [अंतरा 3] दुर्गा माँ शक्ति का स्रोत अनंत रक्षार्थ धरा की आईं विपत्ति हरने को तत्पर उनकी हुंकार से कांपे हर अतंकर माँ दुर्गा हैं शक्ति का संहार [अंतरा 4] माँ त्रिदेवी का वास होता हर घर में उनके साथ आये सुख संपदा जीवन में त्रिदेवी की आराधना से मिटे हर बंधन माँ त्रिदेवियों का ध्यान हर साधन [सहगान] त्रिदेवी की महिमा अपरंपार लक्ष्मी सरस्वती दुर्गा तीनों का अपार प्यार इनके चरणों में झुके सब संसार त्रिदेवी की महिमा अपरंपार